रांची: देशभर में कार्गो ट्रांसपोर्ट मुहैया कराने
वाली कंपनी अश्विनी कंटेनर मूवर्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में
मामूली बढ़त के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 142 रुपये के
भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग
3.52 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 147 रुपये के स्तर पर हुई।
हालांकि लिस्टिंग
के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण थोड़ी देर में ही कंपनी के शेयर
गिर कर 139.65 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के
कारोबार में कंपनी के आईपीओ नवेशक 1.65 प्रतिशत के नुकसान में नजर आ रहे
हैं।
अश्विनी कंटेनर मूवर्स का 71 करोड़ रुपये का आईपीओ 12 से 16
दिसंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से
एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.70 गुना सब्सक्राइब हो
सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व
पोर्शन 1.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स
(एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 3.50 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह
रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.15 गुना सब्सक्राइब हो सका था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 54 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं।
आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज को कम करने,
नए ट्रक की खरीदारी करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी
की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास
जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे
के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष
2022-23 में कंपनी को 2.10 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था,
जो अगले वित्त
वर्ष 2023-24 में घट कर 1.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। हालांकि अगले
वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 11.45 करोड़ रुपये के स्तर पर
पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की कुल आय 11 प्रतिशत वार्षिक से अधिक की
चक्रवृद्धि दर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ कर 96.06 करोड़ रुपये के
स्तर पर पहुंच गई।
मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो पहली
छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 की अवधि में कंपनी को 9.91 करोड़ रुपये
का शुद्ध लाभ हो चुका है। इसी तरह इस अवधि में कंपनी को 55.86 करोड़ रुपये
की कुल आय हासिल हो चुकी है।
पहली छमाही के बाद यानी सितंबर 2025 के आखिरी
में कंपनी पर 74.90 करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि इस अवधि में कंपनी के
रिजर्व और सरप्लस अकाउंट में 20.40 करोड़ रुपये पड़े हुए थे।















