टेंपसेंस इंस्ट्रुमेंट्स का आईपीओ लॉन्च, आधे घंटे में ही हुआ फुली सब्सक्राइब
नई
दिल्ली, तापमान मापने वाले सेंसर, इलेक्ट्रिक हीटिंग और
स्पेशल केबल सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी टेंपसेंस इंस्ट्रुमेंट्स (इंडिया)
का 650 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया।
इस आईपीओ में 24 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद
25 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 27 अगस्त को अलॉटेड शेयर
डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को बीएसई
और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले आधे घंटे में ही ये
आईपीओ फुली सब्सक्राइब हो गया। दोपहर 12:50 बजे तक इस आईपीओ को 3.05 गुना
सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 285
रुपये से लेकर 300 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि
लॉट साइज 50 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट
यानी 50 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 15,000 रुपये
का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,95,000 रुपये के निवेश से
अधिकतम 13 लॉट में 650 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत
चार रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,16,66,666 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे
हैं। इनमें लगभग 95 करोड़ रुपये के 31,66,666 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं,
जबकि लगभग 555 करोड़ रुपये के 1,85,00,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के
जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल
बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 49.88 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसी
तरह रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 34.92 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल
इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.97 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा
कंपनी के एंप्लॉयीज के लिए 0.23 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस
इश्यू के लिए आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर
बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
टेंपसेंस
इंस्ट्रुमेंट्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर
सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में
किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त
वर्ष 2023-24 में कंपनी को 40.92 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले
वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 62.56 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 71.07 करोड़ रुपये
के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी
लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 278.04 करोड़ रुपये का कुल
राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 382.47 करोड़ रुपये
के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 455.86 करोड़
रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी
लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 30.13 करोड़
रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 71.83 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 77.95 करोड़ रुपये के
स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार
बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस
202.98 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में
उछल कर 427.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की
बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 465.16 करोड़ रुपये के
स्तर पर आ गया था। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त
वर्ष 2023-24 में ये 180.61 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में
बढ़ कर 430.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष
2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 496.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी
तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड
एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 61.13 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25
में बढ़ कर 97.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26
में कंपनी का ईबीआईटीडीए 113.17 करोड़ रुपये के स्तर पर था।














