मुख्य खाद्य पदार्थों को बड़े पैमाने पर अपनाने में तेजी लाने के लिए उद्योग जगत ने विचार-विमर्श किया
नई दिल्ली, सीआईआई फूड एंड एग्रीकल्चर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीआईआई फेस) के सहयोग से मंगलवार को इंडिया हैबिटेट सेंटर में हुए सम्मेलन में मुख्य खाद्य पदार्थों के फोर्टिफिकेशन को बढ़ाने और छिपी भूख से मुकाबला करने के लिए उद्योग जगत ने विचार-विमर्श किया।
मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन इंडिया के कंट्री प्रोग्राम मैनेजर अभिषेक शुक्ला ने बताया कि मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन ने सीआईआई फेस के सहयोग से सरकार, उद्योग और पोषण क्षेत्र के दिग्गजों को फोर्टिफाइड मुख्य खाद्य पदार्थों को अपनाने में तेजी लाने के लिए एक मंच पर एकत्रित किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए टेक्नोसर्व के सीनियर प्रैक्टिस लीडर एवं मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन एशिया के प्रोग्राम लीडर मोनोजित इंद्रा ने कहा कि भारत ने मुख्य खाद्य पदार्थों के फोर्टिफिकेशन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन बड़े स्तर पर छिपी भूख से निपटने के लिए खाद्य उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र में गहरे सहयोग की आवश्यकता होगी।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का एक प्रमुख परिणाम यह रहा कि सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह स्वीकार किया कि खाद्य फोर्टिफिकेशन को एक नीति-आधारित हस्तक्षेप से आगे बढ़कर नवाचार, उपभोक्ता सहभागिता और मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र साझेदारियों द्वारा समर्थित मुख्यधारा के उद्योग आंदोलन के रूप में विकसित होना चाहिए।
सम्मेलन में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निदेशक (विज्ञान एवं मानक) डॉ. राकेश कुमार, सीआईआई राष्ट्रीय पोषण समिति के पूर्व सह-अध्यक्ष सिराज ए. चौधरी, एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस के अनुसंधान एवं विकास प्रमुख विद्याशंकर सत्यकुमार, मदर डेयरी फ्रूट एंड वेजिटेबल्स के प्रबंध निदेशक जेटी चारी तथा द अक्षय पात्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतारसभा प्रभु सहित वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधियों और उद्योग नेताओं ने भाग लिया।
सम्मेलन का समापन विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग को मजबूत करने, फोर्टिफिकेशन उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करणकर्ताओं एवं मिलर्स के लिए क्षमता निर्माण प्रयासों का समर्थन करने तथा भारत भर में फोर्टिफाइड मुख्य खाद्य पदार्थों को बड़े स्तर पर बढ़ाने हेतु क्रियान्वित किए जा सकने वाले मार्गों को और विकसित करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ।















