स्टॉक मार्केट में उतरेगी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड, केंद्र ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
नई
दिल्ली, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और सेंट्रल
माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल) की लिस्टिंग
के बाद अब कोल इंडिया लिमिटेड सीआईएल की एक और सब्सिडियरी स्टॉक मार्केट
में अपने कारोबार की शुरुआत करने वाली है। कोल इंडिया लिमिटेड की
सब्सिडियरी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के स्टॉक मार्केट में लिस्ट
होने के प्रस्ताव को निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने
मंजूरी दे दी है।
इस प्रस्ताव के तहत महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड
(एमसीएल) अपने आईपीओ में नए शेयर के साथ ही ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए भी
कंपनी की प्रमोटर कोल इंडिया लिमिटेड अपनी हिस्सेदारी कम करेगी। निवेश और
सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) द्वारा मंजूर किए गए प्रस्ताव के
मुताबिक इस आईपीओ के तहत कोल इंडिया लिमिटेड की ओर से ऑफर फॉर सेल विंडो के
जरिए 25 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेची जाएगी। हालांकि कोल इंडिया लिमिटेड
एमसीएल के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए बेची जाने वाली अपनी
हिस्सेदारी एक या एक से अधिक चरणों में भी बेच सकती है।
महानदी
कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) द्वारा आईपीओ लाने के प्रस्ताव को केंद्र
सरकार की विनिवेश नीति के तहत निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग
(दीपम) और कोयला मंत्रालय ने मिल कर तैयार किया है। इस प्रस्ताव को कोल
इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के बोर्ड
की मंजूरी मिल चुकी है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की विनिवेश
नीति के तहत कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वो इस बात को सुनिश्चित
करे कि 2030 तक कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सभी सहायक कंपनियां
(सब्सिडियरी) स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो जाएं। इस कदम का उद्देश्य
निगरानी को सुव्यवस्थित करना, पारदर्शिता बढ़ाना और संपत्तियों के
मॉनेटाइजेशन के जरिए एक्चुअल वैल्यू अनलॉक करना है।
कोल इंडिया
लिमिटेड अपनी सहायक कंपनियों के साथ मिल कर देश के घरेलू कोयला उत्पादन में
80 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान करती है। फिलहाल सीआईएल की आठ सहायक
कंपनियां हैं, जिनके नाम ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, भारत कोकिंग कोल
लिमिटेड, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, साउथ
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, महानदी
कोलफील्ड्स लिमिटेड और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट
लिमिटेड हैं।
कोल इंडिया के बोर्ड ने इससे पहले साउथ ईस्टर्न
कोलफील्ड्स लिमिटेड में अपनी 25 प्रतिशत तक की इक्विटी हिस्सेदारी को ऑफर
फॉर सेल विंडो के जरिए बेचने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसके साथ ही
आईपीओ या अन्य तरीकों से 10 प्रतिशत तक की नई इक्विटी जारी करने की भी
मंजूरी दी गई थी।
इससे पहले भारत कोकिंग कोल लिमिटेड जनवरी 2026 में
स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी। इसका पब्लिक इश्यू 1,068.78 करोड़
रुपये का था। इसी तरह सीआईएल की दूसरी सब्सिडियरी सेंट्रल माइन प्लानिंग
एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड मार्च 2026 में बीएसई और एनएसई पर लिस्ट
हुई थी। इसके आईपीओ का साइज 1,841.45 करोड़ रुपये का था।















