सुपौल में फर्जी पे आईडी बनाकर सरकारी राशि हड़पने की कोशिश, शिक्षा विभाग के दो कर्मियों पर गिरी गाज
सुपौल, जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय अनियमितता
का मामला सामने आया है। सरकारी राशि के कथित गबन की साजिश उजागर होने के
बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी सावन कुमार
ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के दो कर्मियों के विरुद्ध निलंबन और
विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, कोशी
प्रमंडल सहरसा को पत्र भेजा है।
आरोप जिला शिक्षा पदाधिकारी
कार्यालय में कार्यरत उच्च वर्गीय लिपिक उमेश वर्मा और निम्न वर्गीय लिपिक
मो. ऐहतेशामुल हक पर लगा है। बताया जा रहा है कि दोनों ने पहले से भुगतान
हो चुके शिक्षकों के बकाया वेतन विपत्रों के नाम पर फर्जी पे आईडी तैयार कर
सरकारी राशि को दूसरे खाते में भेजने की कोशिश की। हालांकि समय रहते मामले
की जानकारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना, सुपौल को मिल गई। इसके बाद
संबंधित विपत्रों को तत्काल रिकॉल करा दिया गया, जिससे राशि का भुगतान रुक
गया और संभावित गबन टल गया।
प्रारंभिक जांच में दोनों कर्मियों की
भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित किया गया
है। डीएम ने इसे बिहार कोषागार नियमों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए तत्काल
अनुशासनिक कार्रवाई का निर्देश दिया है। घटना सामने आने के बाद शिक्षा
विभाग में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन पूरे मामले की गहराई से जांच कर
रहा है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कार्रवाई हो सकती है।















